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अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - for SSC & RRB Complete notes

🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...

Vijayanagar and Bahmani Kingdom – विजयनगर और बहमनी साम्राज्य



🌟 विजयनगर साम्राज्य (1336 – 1646 ई.)

🔹 स्थापना

  • वर्ष: 1336 ई.
  • संस्थापक: हरिहर राय (हरिहर I) और बुक्का राय – संगम वंश से।
  • मार्गदर्शक: विद्यारण्य स्वामी (श्रीविद्यारण्य मठ, शृंगेरी पीठ)।
  • राजधानी: हम्पी (कर्नाटक, तुंगभद्रा नदी के किनारे)

🔹 प्रमुख वंश और शासक

1. संगम वंश (1336 – 1485 ई.)

  • संस्थापक: हरिहर I (1336–1356 ई.)।
  • प्रमुख शासक:
    • बुक्का राय I (1356–1377 ई.) – साम्राज्य का विस्तार।
    • हरिहर ll - महाराजाधिराज की उपाधि धारण करी ।
    • देवराय I (1406–1422 ई.) – सिंचाई नहर बनवाई। , इसने तुंगभद्र नदी पर एक बांध बनवाया
    • देवराय II (1424–1446 ई.) – महान शासक; पुर्तगालियों से व्यापार।
  • उल्लेखनीय ग्रंथ:
    • विद्यारण्य – “पंचदशी” (दार्शनिक ग्रंथ)।
    • गंगादेवी – “मधुराविजयम्” (विजयनगर विजय का वर्णन)।

2. सालुव वंश (1485 – 1505 ई.)

  • संस्थापक: सालुव नरसिंह
  • राजधानी और सत्ता अस्थिर रही।

3. तुलुव वंश (1505 – 1570 ई.)

  • संस्थापक: वीर नरसिंह राय
  • सबसे महान शासक: कृष्णदेव राय (1509–1529 ई.)
  • अंतिम शासक - सदाशिव

📌 कृष्णदेव राय:

  • ग्रंथ:
    • अमुक्तमाल्यदा (तेलुगु, प्रशासन और धर्म नीति)।
    • संस्कृत में - जामवंती कल्याणम ,  उषा परिणय
    • सरक्षक: अल्लसानी पेद्दना (आंध्र कवि, “आंध्र कवि पितामह”)।

  • विजय अभियान:
    • उड़ीसा पर विजय।
    • बहमनी और दक्खन सल्तनतों पर कई बार विजय।
  • मंदिर/स्थापत्य:
    • विट्ठलस्वामी मंदिर (हम्पी) – रथ शैली, संगीत स्तंभ।
    • चिदंबरम मंदिर 
    • एक अंबरनाथ मंदिर (कांचीपुरम) 
    • हज़ारा राम मंदिर – रामायण की मूर्तियाँ।
    • विरुपाक्ष मंदिर – विस्तारीकरण।

4. अरविदु वंश (1570 – 1646 ई.)

  • संस्थापक: तिरुमल
  • 1565 ई. तालिकोटा युद्ध (अहमदनगर, बीजापुर, गोलकुंडा, बीदर, बरार – पाँच दक्खन सल्तनतों का संघ) → विजयनगर की पराजय 
  • राजधानी को पेनुकोण्डा और चंद्रगिरि ले जाया गया।
  • धीरे-धीरे पतन (1646 तक)।

🔹 विजयनगर की संस्कृति

  • स्थापत्य:
    • ड्रविड़ शैली (गोपुरम, विशाल मंडप, पत्थरों की नक्काशी)।
    • हम्पी – यूनेस्को विश्व धरोहर।
  • धर्म:
    • वैष्णव और शैव दोनों का संरक्षण।
  • साहित्य: संस्कृत, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ का विकास।
  • संगीत: कार्नाटिक संगीत का उत्थान।
  • विदेशी यात्री:
    • निकोलो कोंटी (इटली) - देवराय पथम
    • अब्दुर रज्जाक (फारस)- देवराय ll के समय
    •   डोमिंगो पेस (पुर्तगाल) - कृष्ण देव राय के समय
    •  नुंज़ (पुर्तगाल) → सभी ने राजधानी हम्पी की सम्पन्नता का वर्णन किया।

🌟 बहमनी साम्राज्य (1347 – 1527 ई.)

🔹 स्थापना

  • वर्ष: 1347 ई.
  • संस्थापक: अला-उद्दीन बहमन शाह (हसन गंगू)
  • राजधानी:
    • पहले गुलबर्गा (1347–1425)
    • फिर बीदर (1425–1527)

🔹 प्रमुख शासक

  • अला-उद्दीन बहमन शाह (1347–1358) – संस्थापक।
  • मोहम्मद शाह I (1358–1375) – विजयनगर से युद्ध।
  • फिरोज शाह बहमनी (1397–1422) – कला, साहित्य, संगीत का संरक्षक।
  • अहमद शाह वली (1422–1436) – राजधानी बीदर स्थानांतरित की।
  • महमूद गवन (वज़ीर, 1463–1481)
    • सुधार: भूमि सर्वेक्षण, केंद्रीकरण, भ्रष्टाचार पर रोक।
    • बीदर मदरसा (इस्लामी शिक्षा का केंद्र) की स्थापना।
    • मृत्यु (1481) के बाद साम्राज्य दुर्बल।

🔹 संस्कृति और स्थापत्य

  • स्थापत्य:
    • फारसी प्रभाव + दक्खनी शैली।
    • गुलबर्गा जामा मस्जिद, बीदर किला, महमूद गवन मदरसा।
  • साहित्य:
    • फारसी भाषा का विकास।
    • दक्खनी उर्दू (दक्खिनी भाषा) का प्रारंभ।

🔹 अंत

  • आंतरिक गुटबाज़ी और महमूद गवन की हत्या से साम्राज्य कमजोर।
  • 1527 तक पाँच दक्खन सल्तनतों में विभाजित:
    • अहमदनगर, 
    • बीजापुर, 
    • गोलकुंडा,
    •  बरार,
    •  बीदर
  • इन सल्तनतों ने मिलकर 1565 की तालिकोटा की लड़ाई (राक्षसी टंगड़ी) ( बनी हट्टी ) में विजयनगर को हराया।

🌟 तुलनात्मक दृष्टि (Vijayanagar बनाम Bahmani)

विशेषता विजयनगर बहमनी
स्थापना 1336 – हरिहर व बुक्का 1347 – अला-उद्दीन बहमन शाह
राजधानी हम्पी गुलबर्गा → बीदर
धर्म/संस्कृति हिंदू (वैष्णव-शैव), मंदिर, तेलुगु-कन्नड़ साहित्य इस्लामी, मस्जिद-मदरसा, फारसी साहित्य
प्रमुख शासक कृष्णदेव राय महमूद गवन (वज़ीर)
ग्रंथ/पुस्तकें अमुक्तमाल्यदा, मधुराविजयम् फारसी साहित्य, दक्खनी उर्दू
स्थापत्य विरुपाक्ष, विट्ठलस्वामी, हज़ारा राम मंदिर गुलबर्गा मस्जिद, बीदर किला, महमूद गवन मदरसा
अंत 1565 तालिकोट युद्ध, 1646 पतन 1527 में 5 सल्तनतों में विभाजन

👉 इस तरह विजयनगर और बहमनी – दोनों ने ही दक्षिण भारत को सांस्कृतिक, राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से गहराई से प्रभावित किया।



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