Skip to main content

For Special SSC RRB

अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - for SSC & RRB Complete notes

🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...

how to learn effectively ?

सब कहते है स्मार्ट work करो , 
ये कोई नहीं कहता की हार्ड वर्क करो ,,,, क्यों ? शायद हमारे दिमाग में काम को जल्दी करने का कीड़ा बन गया है ,, या शायद हमारे पास अब टाइम नहीं है ।
हम भूल जाते है , कि स्मार्ट वर्क भी , hard work से ही शुरू हुआ था । 

अच्छा तो पहले सीखते है की कुछ सीखना कैसे है , वैसे तो हज़ारो तरके है कुछ भी सीखने के लेकिन जो concept मैंने बनाया है बो describe कर रहा हु ,,, 

समझिये कोई बच्चा है जिसको २ से १० तक पहाड़े सीखने है , हम मान लेते है की उसे केवल गिनती आती है। 


तो सबसे पहले उस बच्चे को क्या करना होगा  ,, 

STEP 1 -  रोहित  को इक बार पहाड़े लिखकर समझाना होगा , फिर रोहित टेबल { पहाडे  } को अपने आप देखकर लिखेगा। 
 
STEP 2  - रोहित से खा जाए की ३ दिन बाद तुम्हे ये टेबल मुझे लिखकर समझानी है अर्थात सुनानी है।  तो बो ३ तक याद कर आपको सूना देगा।  

स्टेप ३ -  अब सवाल ये उठता है की क्या रोहित 4 दिन , पांचवे दिन या पहट १० दिन बाद भी क्या बिना revision  के सूना पायेगा ,    90 % chance नहीं सुना पायेगा   


बस समस्या यही से  उठती है , आखिर क्यों   ?

ठीक ऐसा  साथ भी है , मै बिना complicated  किये कहु तो कुछ भी याद्द करने या याद रखने के ३ स्टेप्स होते है ,


१    WRITTING  , READING ,LISTENNING       mean  syllabus  level    इसमें हम १० percent  सीखते है। 

२    REVOICE  , EXAM , ATTEMPT         mean                  Revision  level    इसमें हम १०० % सीखते है। 


३   CONCEPT, USING, and REMEMBERING    mean   adapting  level  इसमें १०० से १००० % तक सीखते है  ,,, यही हमारी लाइफ में काम आता है।   


Now we should revise there are three levels, 

1.  SYLLABUS LEVEL       -  0 TO 10 

2. REVISION LEVEL          - 10 TO 100

3. ADAPTING LEVEL        - 100 TO 1000 


OK, now we already know how to get and write read syllabus by any class and complete all terms of any lecture, 
then when we know the exam dates we start revision for attempting the exam to get good marks. 

and the bad reality when exams completed , we slowly forget everything , i know that there is a time decay process its natural but what can be do for rememeber anything ,,,,,


the solutin is in third step ,,,,,,, ADAPTING ,,,,, 

तो अब रोहित को हमें एग्जाम से पहले ही  table  कैसे याद रखे नहीं , टेबल बनती कैसे है सीखना होगा , 
उसे कोई समझाए या बो स्वयं सीखे , 

2    , 2+2 = 4  , 2 +4 = 6 , 2+6 = 8 ,,,, like that  ,,, 9  , 9+9 = 18   , 9+ 18 = 27 , 9 +27 = 36 ,, ,,,,,, etc .


I assume everybody can understand what I want to say. 

we should complete the syllabus, and revision is good  but before attempting an exam, we should learn what is the origin of anything [ like Pythagoras, trigonometric formulas, differential, integrations, like newtons law, etc .. ] these are very complex things, but when we know  the origin, and where we are using it  ,,, we remember more than anything 



so I would suggest adapting it to our lives and at least one time seeing anything's origin.

I am the proof there are already 4 years I did not read or use calculus, trigni\ometric formulas, measures, algebra, 12th  physics formulas, and various concepts, because I know the origin, if I forget anything, anywhere I can regenerate that part of the concept because I know the root. 






sorry for the incorrect language, meanings, and punctuation ,,, its all typing mistakes [ newly typing ] 
I will correct it with time ,,,



Knowledge Giving Force It is the " KGF of knowledge🎯 . You must find something suitable, something good here .✅


Comments

Popular...

Wildlife sanctuary - वन्यजीव अभयारण्य For SSC and RRB exams special.

भारत में वन्यजीव अभयारण्य 👉 2023 तक भारत में लगभग 566 वन्यजीव अभयारण्य अधिसूचित हैं। ये राष्ट्रीय उद्यान से अलग होते हैं, यहाँ कुछ हद तक मानव गतिविधियाँ (जैसे पशुपालन, इंधन लकड़ी संग्रह) नियंत्रित रूप से अनुमति होती हैं। 🔹 राज्यवार प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य जम्मू-कश्मीर व लद्दाख गुलमर्ग WLS हीरापुरा WLS कराकोरम WLS हिमाचल प्रदेश चैल WLS गोपालपुर WLS रेनुका WLS तिरथन WLS उत्तराखंड अस्कोट WLS सोनानदी WLS गोविंद Pashu Vihar WLS बिनोग WLS उत्तर प्रदेश कतरनिया घाट WLS सोहागी बारवा WLS चंद्रप्रभा WLS हास्तिनापुर WLS राजस्थान कुम्भलगढ़ WLS माउंट आबू WLS जयसमंद WLS फुलेरा (सांभर झील) WLS मध्य प्रदेश नौरा देव WLS करेरा WLS भीमबांध WLS गंधी Sagar WLS छत्तीसगढ़ बारनवापारा WLS भोरमदेव WLS उदंती-सीतानदी WLS पामरापाट WLS बिहार भीमबांध WLS कवलरझरिया WLS टोपचांची WLS झारखंड हजारीबाग WLS पारसनाथ WLS डालमा WLS पश्चिम बंगाल बक्सा WLS जलदापाड़ा WLS गौरीमारा WLS असम पोबितोरा WLS (एक-सींग गैंडा) हॉलिंग WLS लाोकावा WLS अरुणाचल प्रद...

अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - for SSC & RRB Complete notes

🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...

International Organisations – अंतर्राष्ट्रीय संगठन

🔟 Top 10 Most Important International Organisations UN (United Nations) स्थापना: 1945, न्यूयॉर्क (USA) सदस्य: 193 काम: विश्व शांति, सुरक्षा, मानवाधिकार। WHO (World Health Organisation) स्थापना: 1948, जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड) सदस्य: 194 काम: वैश्विक स्वास्थ्य और महामारी नियंत्रण। WTO (World Trade Organisation) स्थापना: 1995, जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड) सदस्य: 164 काम: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सरल और निष्पक्ष बनाना। IMF (International Monetary Fund) स्थापना: 1945, वॉशिंगटन D.C. (USA) सदस्य: 190 काम: वित्तीय स्थिरता, ज़रूरतमंद देशों को ऋण। World Bank स्थापना: 1944, वॉशिंगटन D.C. (USA) सदस्य: 189 काम: विकासशील देशों को ऋण, गरीबी उन्मूलन। ILO (International Labour Organisation) स्थापना: 1919, जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड) सदस्य: 187 काम: श्रमिकों के अधिकार और कामकाजी सुधार। UNESCO स्थापना: 1945, पेरिस (फ्रांस) सदस्य: 194 काम: शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और धरोहर। UNICEF स्थापना: 1946, न्यूयॉर्क (USA) सदस्य: 193 काम: बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा...

सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन | Socio-Religious Reform Movements in India (Full Notes for SSC & RRB)

भारत में सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन (Socio-Religious Reform Movements in India) 🔹 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में भारतीय समाज अनेक कुरीतियों, धार्मिक रूढ़िवादिता, अंधविश्वास, छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह, पर्दा प्रथा, अशिक्षा, स्त्री उत्पीड़न से ग्रसित था। ब्रिटिश शासन के आगमन के बाद पश्चिमी शिक्षा, विज्ञान, और आधुनिक विचारों का प्रभाव बढ़ा। इससे भारतीय समाज में जागृति की शुरुआत हुई — जिसे हम “भारतीय पुनर्जागरण” (Indian Renaissance) कहते हैं। 🔹 सुधार आंदोलनों की आवश्यकता क्यों पड़ी? सामाजिक बुराइयों का अंत करना (सती, बाल विवाह, छुआछूत आदि)। महिला सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देना। धर्म की शुद्धता और नैतिकता की स्थापना करना। ब्रिटिश शिक्षा और विज्ञान से प्रेरित होकर समाज में तर्कशीलता फैलाना। राष्ट्रवाद और एकता के लिए सामाजिक सुधार जरूरी बन गया था। 🟦 1. राजा राममोहन राय और ब्रह्म समाज (Brahmo Samaj, 1828) संस्थापक: राजा राममोहन राय (1772–1833) स्थान: कलकत्ता स्थापना वर्ष: 1828 प्रेरणा स्रोत: उपनिषद, वेद...

Fundamental Rights – मौलिक अधिकारों के सभी अनुच्छेद

मौलिक अधिकार ( Fundamental Rights ) भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार भाग-III (अनुच्छेद 12 से 35) में दिए गए हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करना है। अनुच्छेद 12 – राज्य की परिभाषा – केंद्र, राज्य सरकारें, संसद, विधानमंडल, स्थानीय प्राधिकरण और अन्य सरकारी नियंत्रण वाले निकाय। अनुच्छेद 13 – मौलिक अधिकारों का संरक्षण – मौलिक अधिकारों के विपरीत कोई कानून अमान्य होगा; न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति निहित। 1. समानता का अधिकार (Right to Equality) – अनुच्छेद 14 से 18 अनु. 14 – विधि के समक्ष समानता एवं कानून का समान संरक्षण । अनु. 15 – धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान आदि के आधार पर भेदभाव का निषेध । अनु. 16 – सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता। अनु. 17 – अस्पृश्यता का अंत। अनु. 18 – उपाधियों का अंत (केवल शैक्षणिक एवं सैन्य उपाधियां मान्य)। 2. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom) – अनुच्छेद 19 से 22 अनु. 19(1) – छह स्वतंत्रताएं: वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता। शांतिपूर्ण एवं निरस्त्र सभा करने की स्वतंत्रता। संघ ...