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अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - for SSC & RRB Complete notes

🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...

रासायनिक बंधन (Chemical Bonding) - SSC & RRB Exam Complete Notes

रासायनिक बंधन (Chemical Bonding) - SSC & RRB Exam Complete Notes



रासायनिक बंधन क्या है? (What is Chemical Bond?)

परिभाषा: दो या दो से अधिक परमाणुओं को एक साथ जोड़े रखने वाली आकर्षण शक्ति को रासायनिक बंधन कहते हैं।

उद्देश्य: परमाणुओं को स्थिरता प्रदान करना

मुख्य सिद्धांत: परमाणु बंधन बनाकर निकटतम निष्क्रिय गैस का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करना चाहते हैं।


परमाणु रासायनिक बंधन क्यों बनाते हैं?

अष्टक नियम (Octet Rule)

प्रतिपादक: गिल्बर्ट लुईस (Gilbert Lewis - 1916)

नियम: परमाणु बंधन बनाकर अपनी बाहरी कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक) प्राप्त करना चाहते हैं, जिससे वे स्थिर हो जाते हैं।

अपवाद:

  • हाइड्रोजन (H): 2 इलेक्ट्रॉन चाहता है (द्विक नियम - Duet Rule)
  • लिथियम (Li): 2 इलेक्ट्रॉन चाहता है
  • बेरिलियम (Be): 4 इलेक्ट्रॉन से स्थिर
  • बोरॉन (B): 6 इलेक्ट्रॉन से स्थिर

उदाहरण:

  • सोडियम (Na): 2, 8, 1 → 1 इलेक्ट्रॉन देकर → 2, 8 (Ne जैसा)
  • क्लोरीन (Cl): 2, 8, 7 → 1 इलेक्ट्रॉन लेकर → 2, 8, 8 (Ar जैसा)
  • ऑक्सीजन (O): 2, 6 → 2 इलेक्ट्रॉन लेकर → 2, 8 (Ne जैसा)

परीक्षा नोट: निष्क्रिय गैसों की बाहरी कक्षा पहले से ही पूर्ण होती है (8 इलेक्ट्रॉन), इसलिए वे बंधन नहीं बनातीं।


रासायनिक बंधन के प्रकार (Types of Chemical Bonds)

रासायनिक बंधन (Chemical Bonds)
    │
    ├─── 1. आयनिक बंधन (Ionic Bond)
    │         - धातु + अधातु
    │         - इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण
    │
    ├─── 2. सहसंयोजक बंधन (Covalent Bond)
    │         - अधातु + अधातु
    │         - इलेक्ट्रॉन साझेदारी
    │         │
    │         ├─── एकल बंधन (Single)
    │         ├─── द्विबंधन (Double)
    │         └─── त्रिबंधन (Triple)
    │
    ├─── 3. धात्विक बंधन (Metallic Bond)
    │         - धातु + धातु
    │         - इलेक्ट्रॉन समुद्र
    │
    └─── 4. हाइड्रोजन बंधन (Hydrogen Bond)
              - अंतर-आणविक बंधन
              - H और F/O/N के बीच

1. आयनिक बंधन (Ionic Bond / Electrovalent Bond)

परिभाषा:

इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण (देने-लेने) से बने धनायनों और ऋणायनों के बीच विद्युत स्थैतिक आकर्षण को आयनिक बंधन कहते हैं।

दूसरा नाम:

  • विद्युतसंयोजक बंधन (Electrovalent Bond)
  • ध्रुवीय बंधन (Polar Bond)

बनने की प्रक्रिया:

चरण 1: इलेक्ट्रॉन देना (धातु)

  • धातु इलेक्ट्रॉन देकर धनायन (Cation) बनता है
  • उदाहरण: Na → Na⁺ + e⁻

चरण 2: इलेक्ट्रॉन लेना (अधातु)

  • अधातु इलेक्ट्रॉन लेकर ऋणायन (Anion) बनता है
  • उदाहरण: Cl + e⁻ → Cl⁻

चरण 3: विद्युत स्थैतिक आकर्षण

  • धनायन और ऋणायन आकर्षित होकर बंधन बनाते हैं
  • Na⁺ + Cl⁻ → NaCl

उदाहरण:

A. सोडियम क्लोराइड (NaCl) का बनना:

Na (2, 8, 1) → Na⁺ (2, 8) + e⁻ [धनायन]
Cl (2, 8, 7) + e⁻ → Cl⁻ (2, 8, 8) [ऋणायन]

Na⁺ + Cl⁻ → Na⁺Cl⁻ या NaCl (नमक)

समझाएं:

  • Na ने 1 इलेक्ट्रॉन दिया (अष्टक पूर्ण करने के लिए)
  • Cl ने 1 इलेक्ट्रॉन लिया (अष्टक पूर्ण करने के लिए)
  • दोनों स्थिर हुए (निष्क्रिय गैस विन्यास)

B. मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) का बनना:

Mg (2, 8, 2) → Mg²⁺ (2, 8) + 2e⁻
O (2, 6) + 2e⁻ → O²⁻ (2, 8)

Mg²⁺ + O²⁻ → MgO

C. कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂) का बनना:

Ca (2, 8, 8, 2) → Ca²⁺ (2, 8, 8) + 2e⁻
Cl (2, 8, 7) + e⁻ → Cl⁻ (2, 8, 8)
Cl (2, 8, 7) + e⁻ → Cl⁻ (2, 8, 8)

Ca²⁺ + 2Cl⁻ → CaCl₂

नोट: Ca के पास 2 इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए 2 Cl परमाणु चाहिए


आयनिक बंधन की शर्तें:

  1. कम आयनन ऊर्जा (IE) वाला तत्व - धातु (इलेक्ट्रॉन देना आसान)
  2. अधिक इलेक्ट्रॉन बंधुता (EA) वाला तत्व - अधातु (इलेक्ट्रॉन लेना आसान)
  3. विद्युत ऋणात्मकता में अधिक अंतर - 1.7 या अधिक
  4. धातु + अधातु का संयोग

आयनिक यौगिकों के गुण:

भौतिक गुण:

1. भौतिक अवस्था:

  • कमरे के तापमान पर ठोस
  • कारण: प्रबल विद्युत स्थैतिक आकर्षण

2. गलनांक और क्वथनांक:

  • उच्च गलनांक और क्वथनांक
  • कारण: आयनों के बीच प्रबल आकर्षण
  • उदाहरण: NaCl का गलनांक = 801°C

3. कठोरता:

  • कठोर लेकिन भंगुर (Brittle)
  • दबाव देने पर टूट जाते हैं
  • कारण: समान आवेश वाले आयनों का प्रतिकर्षण

4. विद्युत चालकता:

  • ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक
  • गलित (पिघली हुई) या जलीय विलयन में सुचालक
  • कारण: आयन गतिशील होते हैं

5. जल में घुलनशीलता:

  • जल में घुलनशील
  • कारण: ध्रुवीय विलायक (H₂O) ध्रुवीय यौगिक को घोलता है
  • कार्बनिक विलायकों में अघुलनशील (बेंजीन, पेट्रोल)

6. क्रिस्टलीय संरचना:

  • नियमित क्रिस्टलीय जालक
  • त्रि-आयामी व्यवस्था

7. दिशात्मकता:

  • दिशाहीन (Non-directional)
  • सभी दिशाओं में समान आकर्षण

रासायनिक गुण:

1. अभिक्रियाशीलता:

  • जलीय विलयन में तीव्र अभिक्रिया करते हैं

2. विद्युत अपघटन:

  • विद्युत धारा प्रवाहित करने पर विघटित होते हैं

आयनिक यौगिकों के उदाहरण:

यौगिक सूत्र सामान्य नाम उपयोग
सोडियम क्लोराइड NaCl नमक खाना, संरक्षण
पोटैशियम आयोडाइड KI - आयोडीन की कमी
कैल्शियम ऑक्साइड CaO बुझा चूना सीमेंट, दीवार
मैग्नीशियम ऑक्साइड MgO मैग्नीशिया दवा
सोडियम कार्बोनेट Na₂CO₃ धोने का सोडा साबुन, कांच
सोडियम बाइकार्बोनेट NaHCO₃ बेकिंग सोडा खाना पकाना
कैल्शियम कार्बोनेट CaCO₃ संगमरमर, चूना निर्माण
एल्युमिनियम ऑक्साइड Al₂O₃ - घर्षण सामग्री

आयनिक बंधन की पहचान कैसे करें?

धातु + अधातु = आयनिक बंधन ✅ उच्च गलनांक/क्वथनांक ✅ जल में घुलनशील ✅ गलित अवस्था में विद्युत सुचालक ✅ कठोर और भंगुर ✅ क्रिस्टलीय ठोस


2. सहसंयोजक बंधन (Covalent Bond)

परिभाषा:

दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनने वाले बंधन को सहसंयोजक बंधन कहते हैं।

दूसरे नाम:

  • आण्विक बंधन (Molecular Bond)
  • अध्रुवीय बंधन (Non-polar Bond) - यदि समान परमाणु हों

प्रतिपादक: गिल्बर्ट लुईस (1916)

बनने की प्रक्रिया:

  • दो परमाणु इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करते हैं
  • दोनों परमाणुओं का अष्टक पूर्ण होता है
  • कोई आयन नहीं बनता
  • अधातु + अधातु

सहसंयोजक बंधन के प्रकार:

A. साझा इलेक्ट्रॉनों की संख्या के आधार पर:

1. एकल बंधन (Single Bond) - एक जोड़ी इलेक्ट्रॉन

प्रतीक: A - B (एक डैश)

उदाहरण:

हाइड्रोजन अणु (H₂):

H (1) + H (1) → H : H या H - H

H • + • H → H : H

प्रत्येक H ने 1 इलेक्ट्रॉन दिया
दोनों ने 2 इलेक्ट्रॉन साझे किए (1-1 जोड़ी)
दोनों का द्विक पूर्ण (He जैसा)

क्लोरीन अणु (Cl₂):

Cl (2, 8, 7) + Cl (2, 8, 7) → Cl : Cl या Cl - Cl

:Cl• + •Cl: → :Cl : Cl:

प्रत्येक Cl ने 1 इलेक्ट्रॉन दिया
दोनों का अष्टक पूर्ण (Ar जैसा)

जल (H₂O):

O (2, 6) को 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए
H (1) × 2 = 2 इलेक्ट्रॉन देंगे

    H
    |
H - O - H  या  H : O : H

अमोनिया (NH₃):

N (2, 5) को 3 इलेक्ट्रॉन चाहिए
H (1) × 3 = 3 इलेक्ट्रॉन देंगे

        H
        |
    H - N - H

मीथेन (CH₄):

C (2, 4) को 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए
H (1) × 4 = 4 इलेक्ट्रॉन देंगे

        H
        |
    H - C - H
        |
        H

2. द्विबंधन (Double Bond) - दो जोड़ी इलेक्ट्रॉन

प्रतीक: A = B (दो डैश)

उदाहरण:

ऑक्सीजन अणु (O₂):

O (2, 6) + O (2, 6) → O = O

:O•• + ••O: → :O :: O:  या  O = O

प्रत्येक O ने 2 इलेक्ट्रॉन दिए
4 इलेक्ट्रॉन साझे (2 जोड़ी)
दोनों का अष्टक पूर्ण

कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂):

O = C = O

ऑक्सीजन के साथ दोनों तरफ द्विबंधन
कुल 4 बंध (दो द्विबंधन)

3. त्रिबंधन (Triple Bond) - तीन जोड़ी इलेक्ट्रॉन

प्रतीक: A ≡ B (तीन डैश)

उदाहरण:

नाइट्रोजन अणु (N₂):

N (2, 5) + N (2, 5) → N ≡ N

:N••• + •••N: → :N ::: N:  या  N ≡ N

प्रत्येक N ने 3 इलेक्ट्रॉन दिए
6 इलेक्ट्रॉन साझे (3 जोड़ी)
दोनों का अष्टक पूर्ण
सबसे प्रबल बंधन

एथाइन (C₂H₂) - एसिटिलीन:

H - C ≡ C - H

कार्बन-कार्बन के बीच त्रिबंधन

बंधों की प्रबलता और लंबाई:

बंधन प्रकार प्रबलता बंधन लंबाई तोड़ने के लिए ऊर्जा
एकल (Single) कम अधिक कम
द्विबंधन (Double) मध्यम मध्यम मध्यम
त्रिबंधन (Triple) अधिक कम अधिक

सरल नियम:

  • बंधन जितना प्रबल → लंबाई उतनी कम
  • त्रिबंधन > द्विबंधन > एकल बंधन (प्रबलता में)

परीक्षा नोट: N₂ (त्रिबंधन) सबसे स्थिर अणु है, इसलिए निष्क्रिय है।


B. ध्रुवीयता के आधार पर:

1. अध्रुवीय सहसंयोजक बंधन (Non-polar Covalent):

परिभाषा: समान परमाणुओं के बीच बनने वाला बंधन जिसमें इलेक्ट्रॉन समान रूप से साझे होते हैं।

विशेषता:

  • विद्युत ऋणात्मकता में अंतर = 0
  • इलेक्ट्रॉन बादल समान वितरित
  • कोई ध्रुव नहीं

उदाहरण:

  • H₂ (H-H)
  • Cl₂ (Cl-Cl)
  • O₂ (O=O)
  • N₂ (N≡N)
  • CH₄ (मीथेन)
  • CCl₄ (कार्बन टेट्राक्लोराइड)

2. ध्रुवीय सहसंयोजक बंधन (Polar Covalent):

परिभाषा: भिन्न परमाणुओं के बीच बनने वाला बंधन जिसमें इलेक्ट्रॉन असमान रूप से साझे होते हैं।

विशेषता:

  • विद्युत ऋणात्मकता में अंतर = 0.4 से 1.7
  • इलेक्ट्रॉन अधिक EN वाले की ओर झुके
  • आंशिक धनात्मक (δ⁺) और ऋणात्मक (δ⁻) ध्रुव बनते हैं
  • द्विध्रुव आघूर्ण (Dipole Moment) होता है

उदाहरण:

जल (H₂O):

    δ⁺  δ⁻  δ⁺
    H - O - H

O अधिक EN वाला (3.5)
H कम EN वाला (2.1)
इलेक्ट्रॉन O की ओर झुके
O पर आंशिक ऋणावेश, H पर धनावेश

हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl):

δ⁺    δ⁻
H  -  Cl

Cl अधिक EN (3.0)
H कम EN (2.1)
ध्रुवीय अणु

अन्य उदाहरण:

  • NH₃ (अमोनिया)
  • HF (हाइड्रोजन फ्लोराइड)
  • H₂S (हाइड्रोजन सल्फाइड)

सहसंयोजक यौगिकों के गुण:

भौतिक गुण:

1. भौतिक अवस्था:

  • गैस, द्रव या कम गलनांक वाले ठोस
  • कारण: अणुओं के बीच दुर्बल आकर्षण

2. गलनांक और क्वथनांक:

  • निम्न गलनांक और क्वथनांक
  • आयनिक यौगिकों से बहुत कम
  • उदाहरण:
    • CH₄ का क्वथनांक = -162°C
    • H₂O = 100°C (हाइड्रोजन बंधन के कारण अधिक)

3. कठोरता:

  • नरम या लचीले
  • आसानी से तोड़े जा सकते हैं

4. विद्युत चालकता:

  • विद्युत के कुचालक
  • कारण: कोई आयन नहीं, कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं
  • अपवाद: ग्रेफाइट (विशेष संरचना के कारण)

5. जल में घुलनशीलता:

  • ध्रुवीय: जल में घुलनशील (HCl, NH₃)
  • अध्रुवीय: जल में अघुलनशील (CH₄, CCl₄)
  • नियम: "Like dissolves like" - समान घुलता है समान में

6. कार्बनिक विलायकों में घुलनशीलता:

  • अधिकतर कार्बनिक विलायकों में घुलनशील
  • बेंजीन, ईथर, क्लोरोफॉर्म में

7. दिशात्मकता:

  • दिशात्मक (Directional)
  • विशिष्ट दिशा में बनते हैं
  • अणु की आकृति निर्धारित करते हैं

सहसंयोजक यौगिकों के उदाहरण:

यौगिक सूत्र अवस्था उपयोग
मीथेन CH₄ गैस ईंधन, CNG
जल H₂O द्रव पीना, जीवन
अमोनिया NH₃ गैस उर्वरक, प्रशीतक
कार्बन डाइऑक्साइड CO₂ गैस प्रकाश संश्लेषण, शीतल पेय
ऑक्सीजन O₂ गैस श्वसन
नाइट्रोजन N₂ गैस निष्क्रिय वातावरण
हाइड्रोजन क्लोराइड HCl गैस अम्ल
ईथेन C₂H₆ गैस ईंधन
ग्लूकोज C₆H₁₂O₆ ठोस ऊर्जा
सुक्रोज C₁₂H₂₂O₁₁ ठोस चीनी

आयनिक और सहसंयोजक बंधन में अंतर

गुण आयनिक बंधन सहसंयोजक बंधन
बनना इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण इलेक्ट्रॉन साझेदारी
आयन बनते हैं नहीं बनते
तत्व धातु + अधातु अधातु + अधातु
उदाहरण NaCl, MgO, CaCl₂ H₂, O₂, CH₄, H₂O
भौतिक अवस्था ठोस गैस, द्रव, ठोस
गलनांक/क्वथनांक उच्च निम्न
जल में घुलनशीलता घुलनशील परिवर्तनशील
विद्युत चालकता गलित/विलयन में कुचालक
कठोरता कठोर, भंगुर नरम, लचीले
दिशात्मकता दिशाहीन दिशात्मक
बंधन प्रबलता प्रबल तुलनात्मक रूप से दुर्बल

3. धात्विक बंधन (Metallic Bond)

परिभाषा:

धातुओं में परमाणुओं के बीच मुक्त इलेक्ट्रॉनों के समुद्र द्वारा बनने वाले बंधन को धात्विक बंधन कहते हैं।

बनने की प्रक्रिया:

धातु में:

  • धातु के परमाणु संयोजी इलेक्ट्रॉन त्याग देते हैं
  • धनायन (Cations) बन जाते हैं
  • त्यागे गए इलेक्ट्रॉन मुक्त होकर पूरी धातु में घूमते हैं
  • इन्हें "इलेक्ट्रॉन समुद्र" (Electron Sea) कहते हैं

चित्रण:

[M⁺]  [M⁺]  [M⁺]  [M⁺]  ← धनायन (नाभिक + आंतरिक इलेक्ट्रॉन)
   e⁻  e⁻  e⁻  e⁻  e⁻    ← मुक्त इलेक्ट्रॉन (समुद्र)
[M⁺]  [M⁺]  [M⁺]  [M⁺]
   e⁻  e⁻  e⁻  e⁻  e⁻
[M⁺]  [M⁺]  [M⁺]  [M⁺]

उदाहरण:

  • सोडियम धातु (Na): Na → Na⁺ + e⁻
  • तांबा (Cu): Cu → Cu⁺ + e⁻
  • लोहा (Fe): Fe → Fe²⁺ + 2e⁻

धात्विक बंधन की विशेषताएं:

1. दिशाहीन (Non-directional):

  • सभी दिशाओं में समान आकर्षण

2. मुक्त इलेक्ट्रॉन:

  • इलेक्ट्रॉन किसी एक परमाणु से बंधे नहीं
  • पूरी धातु में स्वतंत्र रूप से गति

3. प्रबलता:

  • मध्यम से प्रबल बंधन
  • धातु की प्रकृति पर निर्भर

धात्विक बंधन के कारण धातुओं के गुण:

1. विद्युत चालकता:उत्कृष्ट विद्युत सुचालक

  • कारण: मुक्त इलेक्ट्रॉन गति करते हैं
  • उदाहरण: Cu, Ag, Au, Al

2. ऊष्मा चालकता:उत्कृष्ट ऊष्मा सुचालक

  • कारण: मुक्त इलेक्ट्रॉन ऊर्जा स्थानांतरित करते हैं

3. धात्विक चमक (Metallic Lustre):चमकीले

  • कारण: मुक्त इलेक्ट्रॉन प्रकाश को परावर्तित करते हैं

4. आघातवर्ध्यता (Malleability):पीटकर चादर बनाई जा सकती है

  • कारण: परतें खिसकती हैं लेकिन बंधन बना रहता है
  • उदाहरण: सोना सबसे आघातवर्ध्य

5. तन्यता (Ductility):खींचकर तार बनाया जा सकता है

  • कारण: धात्विक बंधन लचीला
  • उदाहरण: तांबे के तार

6. उच्च गलनांक और क्वथनांक: ✅ अधिकांश धातुओं के उच्च

  • कारण: प्रबल धात्विक बंधन
  • अपवाद: Hg (द्रव), Na, K (कम गलनांक)

7. सोनोरस (Sonorous):धातु ध्वनि उत्पन्न करते हैं

  • कारण: इलेक्ट्रॉन कंपन

धात्विक बंधन के उदाहरण:

  • सोडियम (Na) - मुलायम धातु
  • लोहा (Fe) - प्रबल धात्विक बंधन
  • तांबा (Cu) - विद्युत सुचालक
  • चांदी (Ag) - सर्वोत्तम सुचालक
  • सोना (Au) - सबसे आघातवर्ध्य
  • एल्युमिनियम (Al) - हल्की धातु
  • पारा (Hg) - एकमात्र द्रव धातु

परीक्षा नोट:

  • धातु में इलेक्ट्रॉन "समुद्र" की तरह होते हैं - मुक्त रूप से घूमते हैं
  • इसी कारण धातुएं विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं

4. हाइड्रोजन बंधन (Hydrogen Bond)

परिभाषा:

एक अणु के हाइड्रोजन परमाणु और दूसरे अणु के अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक परमाणु (F, O, N) के बीच बनने वाले दुर्बल आकर्षण को हाइड्रोजन बंधन कहते हैं।

दूसरा नाम:

  • अंतर-आणविक बल (Intermolecular Force)

प्रतीक:

X - H -------- Y
      (हाइड्रोजन बंधन - डॉटेड लाइन)

आवश्यक शर्तें:

  1. हाइड्रोजन परमाणु उपस्थित हो
  2. अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व से जुड़ा हो:
    • फ्लोरीन (F)
    • ऑक्सीजन (O)
    • नाइट्रोजन (N)

याद रखने की ट्रिक: "FON" = F, O, N

बनने की प्रक्रिया:

चरण 1: ध्रुवीकरण

  • H अत्यधिक EN तत्व (F/O/N) से जुड़ा है
  • H पर आंशिक धनावेश (δ⁺)
  • F/O/N पर आंशिक ऋणावेश (δ⁻)

चरण 2: आकर्षण

  • एक अणु का δ⁺ H
  • दूसरे अणु का δ⁻ F/O/N
  • दोनों के बीच आकर्षण = हाइड्रोजन बंधन

हाइड्रोजन बंधन के प्रकार:

1. अंतर-आणविक हाइड्रोजन बंधन (Intermolecular):

दो अलग-अलग अणुओं के बीच

2. अंतः-आणविक हाइड्रोजन बंधन (Intramolecular):

एक ही अणु के भीतर


उदाहरण:

A. जल (H₂O) - सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण

      H              H
      |              |
  H - O -------- O - H
      |              |
      H              H

(डॉटेड लाइन = हाइड्रोजन बंधन)

विशेषता:

  • प्रत्येक O परमाणु 2 हाइड्रोजन बंधन बना सकता है
  • बर्फ में व्यवस्थित हाइड्रोजन बंधन
  • इसी कारण बर्फ पानी पर तैरती है (कम घनत्व)

जल के असामान्य गुण (हाइड्रोजन बंधन के कारण):

  1. उच्च क्वथनांक: 100°C

    • H₂S (समान आणविक भार) = -60°C
    • कारण: प्रबल हाइड्रोजन बंधन
  2. बर्फ का कम घनत्व:

    • बर्फ पानी पर तैरती है
    • 4°C पर जल का घनत्व अधिकतम
  3. उच्च विशिष्ट ऊष्मा:

    • तापमान नियंत्रण में सहायक
  4. उच्च वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा:

    • पसीने से शीतलता
  5. उच्च पृष्ठ तनाव:

    • पानी की बूंदें गोल

B. हाइड्रोजन फ्लोराइड (HF)

H - F -------- H - F -------- H - F
  • सबसे प्रबल हाइड्रोजन बंधन
  • F सबसे अधिक EN (4.0)
  • उच्च क्वथनांक (19.5°C)

C. अमोनिया (NH₃)

    H              H
    |              |
H - N -------- N - H
    |              |
    H              H
  • N की EN (3.0)
  • हाइड्रोजन बंधन बनाता है
  • उच्च क्वथनांक (-33°C)

D. DNA में हाइड्रोजन बंधन

  • DNA की दो स्ट्रैंड्स को जोड़ता है
  • बेस पेयर्स के बीच:
    • A-T (Adenine-Thymine): 2 हाइड्रोजन बंधन
    • G-C (Guanine-Cytosine): 3 हाइड्रोजन बंधन

महत्व: DNA की संरचना और कार्य


E. प्रोटीन में हाइड्रोजन बंधन

  • प्रोटीन की द्वितीयक संरचना
  • α-हेलिक्स और β-शीट
  • C=O और N-H के बीच

हाइड्रोजन बंधन के गुण:

1. प्रबलता:

  • सामान्य सहसंयोजक बंधन से दुर्बल
  • वान डर वाल्स बलों से प्रबल
  • ऊर्जा: 10-40 kJ/mol

2. बंधन लंबाई:

  • सामान्य बंधन से लंबा
  • लगभग 1.5 - 2.5 Å

3. दिशात्मक:

  • विशिष्ट दिशा में बनते हैं

4. संतृप्तता:

  • सीमित संख्या में बन सकते हैं

हाइड्रोजन बंधन का महत्व:

1. भौतिक गुणों पर प्रभाव: ✅ उच्च गलनांक और क्वथनांक ✅ उच्च घुलनशीलता ✅ उच्च चिपचिपाहट

2. जैविक महत्व: ✅ DNA की संरचना ✅ प्रोटीन की संरचना ✅ एंजाइम की क्रिया ✅ कोशिका झिल्ली

3. जल के असामान्य गुण: ✅ जीवन का आधार ✅ जलीय जीवन संभव

4. घुलनशीलता: ✅ ध्रुवीय यौगिकों की घुलनशीलता ✅ शर्करा, अल्कोहल जल में घुलते हैं


हाइड्रोजन बंधन के उदाहरण (तुलना):

यौगिक आणविक सूत्र क्वथनांक हाइड्रोजन बंधन
जल H₂O 100°C हाँ (प्रबल)
हाइड्रोजन सल्फाइड H₂S -60°C नहीं
हाइड्रोजन फ्लोराइड HF 19.5°C हाँ (सबसे प्रबल)
हाइड्रोजन क्लोराइड HCl -85°C नहीं
अमोनिया NH₃ -33°C हाँ
फॉस्फीन PH₃ -87°C नहीं

निष्कर्ष: हाइड्रोजन बंधन वाले यौगिकों का क्वथनांक बहुत अधिक होता है।


रासायनिक बंधनों की तुलना (Final Comparison Table)

गुण आयनिक सहसंयोजक धात्विक हाइड्रोजन
बनना e⁻ transfer e⁻ share e⁻ sea अंतर-आणविक
तत्व धातु+अधातु अधातु+अधातु धातु H+F/O/N
उदाहरण NaCl, MgO H₂, H₂O Cu, Fe H₂O, DNA
अवस्था ठोस गैस/द्रव/ठोस ठोस -
गलनांक उच्च निम्न उच्च -
विद्युत चालकता गलित में नहीं हाँ -
प्रबलता प्रबल मध्यम मध्यम दुर्बल
ऊर्जा 400-4000 150-1000 100-800 10-40 kJ/mol

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण One-Liners (30+)

  1. रासायनिक बंधन परमाणुओं को जोड़ने वाली शक्ति है
  2. अष्टक नियम: 8 e⁻ (गिल्बर्ट लुईस - 1916)
  3. आयनिक बंधन: e⁻ transfer (धातु+अधातु)
  4. सहसंयोजक बंधन: e⁻ share (अधातु+अधातु)
  5. धात्विक बंधन: मुक्त e⁻ समुद्र (धातु)
  6. हाइड्रोजन बंधन: H + FON
  7. NaCl: आयनिक यौगिक
  8. H₂O: सहसंयोजक + हाइड्रोजन बंधन
  9. आयनिक: उच्च m.p., घुलनशील
  10. सहसंयोजक: निम्न m.p., कुचालक
  11. एकल बंधन (-): H₂, Cl₂
  12. द्विबंधन (=): O₂, CO₂
  13. त्रिबंधन (≡): N₂
  14. त्रिबंधन > द्विबंधन > एकल
  15. N₂ सबसे स्थिर अणु
  16. ध्रुवीय: HCl, H₂O
  17. अध्रुवीय: H₂, Cl₂
  18. धातुएं: विद्युत सुचालक
  19. धातुएं: आघातवर्ध्य और तन्य
  20. H₂O: उच्च क्वथनांक (100°C)
  21. बर्फ पानी पर तैरती है
  22. DNA: हाइड्रोजन बंधन
  23. निष्क्रिय गैसें: बंधन नहीं बनातीं
  24. EN अंतर > 1.7: आयनिक
  25. EN अंतर < 1.7: सहसंयोजक
  26. CH₄: अध्रुवीय
  27. "Like dissolves like"
  28. हाइड्रोजन बंधन: सबसे दुर्बल
  29. Cu, Ag: सुचालक
  30. FON = F, O, N

Practice Questions (20+)

Q1: अष्टक नियम किसने दिया? A: गिल्बर्ट लुईस (1916)

Q2: आयनिक बंधन किसके बीच? A: धातु और अधातु

Q3: NaCl किस प्रकार का? A: आयनिक यौगिक

Q4: सहसंयोजक बंधन में? A: इलेक्ट्रॉन साझेदारी

Q5: N₂ में कितने बंधन? A: त्रिबंधन (≡)

Q6: धात्विक बंधन क्या है? A: मुक्त इलेक्ट्रॉन समुद्र

Q7: हाइड्रोजन बंधन किन तत्वों के साथ? A: F, O, N (FON)

Q8: बर्फ पानी पर क्यों तैरती है? A: हाइड्रोजन बंधन के कारण

Q9: सबसे प्रबल बंधन? A: त्रिबंधन (N≡N)

Q10: आयनिक यौगिक का गलनांक? A: उच्च

Q11: सहसंयोजक यौगिक विद्युत? A: कुचालक

Q12: धातुएं सुचालक क्यों? A: मुक्त इलेक्ट्रॉन

Q13: H₂O में हाइड्रोजन बंधन? A: 2 प्रति अणु

Q14: CH₄ में बंधन? A: सहसंयोजक (एकल)

Q15: CO₂ में बंधन? A: द्विबंधन (C=O)

Q16: निष्क्रिय गैसें बंधन क्यों नहीं? A: अष्टक पूर्ण

Q17: ध्रुवीय अणु? A: HCl, H₂O

Q18: अध्रुवीय अणु? A: H₂, Cl₂

Q19: DNA में बंधन? A: हाइड्रोजन बंधन

Q20: NaCl कैसे बनता है? A: Na⁺ + Cl⁻


याद रखने की Tricks

1. हाइड्रोजन बंधन:

"FON करो याद"

  • F = Fluorine
  • O = Oxygen
  • N = Nitrogen

2. बंधन प्रकार:

धातु+अधातु = आयनिक अधातु+अधातु = सहसंयोजक धातु+धातु = धात्विक

3. प्रबलता:

3 > 2 > 1 (त्रिबंधन > द्विबंधन > एकल)

4. गुण:

आयनिक = "उ-ज"

  • उच्च गलनांक
  • जल में घुलनशील

सहसंयोजक = "नि-कु"

  • निम्न गलनांक
  • कुचालक

Common Mistakes

❌ H₂O को आयनिक समझना ✅ H₂O सहसंयोजक है

❌ धातुओं को कुचालक समझना ✅ धातुएं सुचालक हैं

❌ N₂ में द्विबंधन ✅ N₂ में त्रिबंधन

❌ हाइड्रोजन बंधन को मुख्य बंधन समझना ✅ यह दुर्बल अंतर-आणविक बल है


परीक्षा Tips

अत्यधिक महत्वपूर्ण:

  1. आयनिक vs सहसंयोजक अंतर
  2. NaCl का बनना
  3. बंधों के प्रकार
  4. हाइड्रोजन बंधन - FON
  5. जल के असामान्य गुण
  6. धातुओं की सुचालकता

परीक्षा में कैसे solve करें:

बंधन पहचानना:

  • धातु+अधातु → आयनिक
  • अधातु+अधातु → सहसंयोजक

गुणों से:

  • उच्च m.p. → आयनिक
  • निम्न m.p. → सहसंयोजक

Quick Reference Card

═══════════════════════════
  CHEMICAL BONDING GUIDE
═══════════════════════════

बंधन:
• आयनिक = e⁻ transfer
• सहसंयोजक = e⁻ share
• धात्विक = e⁻ sea
• हाइड्रोजन = FON

उदाहरण:
NaCl | H₂O | Cu | DNA

ट्रिक: FON, 3>2>1
═══════════════════════════

Summary Table

बंधन बनना उदाहरण गुण
आयनिक e⁻ transfer NaCl उच्च m.p.
सहसंयोजक e⁻ share H₂O निम्न m.p.
धात्विक e⁻ sea Cu सुचालक
हाइड्रोजन H+FON DNA दुर्बल

अंतिम सलाह

✅ हर परीक्षा में 3-4 प्रश्न ✅ FON trick याद रखें ✅ NaCl, H₂O, N₂ महत्वपूर्ण ✅ गुणों की तुलना जरूर करें ✅ Practice questions daily करें


शुभकामनाएं! रासायनिक बंधन master करें! 🎯📚

धन्यवाद! All the Best! 🙏💯


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