🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...
🌍 वायुमंडल (Atmosphere)
परिभाषा (Definition)
पृथ्वी के चारों ओर गैसों की अदृश्य परत जो पृथ्वी को घेरे रहती है और गुरुत्वाकर्षण बल से बंधी रहती है, उसे वायुमंडल कहते हैं।
👉 यह सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों को रोकता है, मौसम व जलवायु बनाता है तथा जीव-जंतुओं के जीवन को संभव बनाता है।
🌬️ वायुमंडल की संरचना (Composition of Atmosphere)
- नाइट्रोजन (N₂) → 78.08%
- ऑक्सीजन (O₂) → 20.95%
- आर्गन (Ar) → 0.93%
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) → 0.04%
- शेष गैसें → नीऑन, हीलियम, मीथेन, क्रिप्टन, हाइड्रोजन, ओज़ोन आदि
- जलवाष्प (Water Vapour) → परिवर्तनीय (0–5%)
- धूल कण व धूम्रकण → मौसम व वर्षा के लिए महत्वपूर्ण
🌡️ वायुमंडल की परतें (Layers of Atmosphere)
1. क्षोभमंडल (Troposphere)
- ऊँचाई: 0–12 किमी (ध्रुवों पर 8 किमी, भूमध्य रेखा पर 18 किमी तक)
- सभी मौसम संबंधी क्रियाएँ (बारिश, आँधी, हिमपात) यहीं होती हैं।
- तापमान ऊँचाई के साथ घटता है → 6.5°C/किमी
- सबसे निचली परत: पृथ्वी के सबसे निकट
- ऊपरी सीमा: क्षोभविराम (Tropopause)
2. समतापमंडल (Stratosphere)
- ऊँचाई: 12–50 किमी
- यहाँ ओज़ोन परत होती है, जो अल्ट्रावायलेट किरणों को रोकती है।
- मौसम संबंधी कोई हलचल नहीं → विमानन (जेट विमान) के लिए उपयुक्त।
- तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है।
- ऊपरी सीमा: समतापविराम (Stratopause)
3. मध्यमंडल (Mesosphere)
- ऊँचाई: 50–80 किमी
- यहाँ उल्का पिंड जलकर नष्ट हो जाते हैं।
- तापमान ऊँचाई के साथ घटता है, सबसे ठंडा भाग।
- ऊपरी सीमा: मध्यमविराम (Mesopause)
4. आयनमंडल/तापमंडल (Ionosphere/Thermosphere)
- ऊँचाई: 80–400 किमी
- आयनित गैसें पाई जाती हैं → रेडियो संचार के लिए उपयोगी।
- ऑरोरा (उत्तरी/दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश) यहीं बनते हैं।
- तापमान ऊँचाई के साथ तेजी से बढ़ता है।
5. बहिर्मंडल (Exosphere)
- ऊँचाई: 400–10,000 किमी
- सबसे बाहरी परत → धीरे-धीरे अंतरिक्ष में मिल जाती है।
- यहाँ हाइड्रोजन और हीलियम पाई जाती हैं।
☀️ वायुमंडल का महत्व (Importance of Atmosphere)
- जीवन के लिए आवश्यक गैसें (ऑक्सीजन, CO₂, नाइट्रोजन) उपलब्ध कराता है।
- तापमान को नियंत्रित कर ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा करता है।
- सूर्य की हानिकारक किरणों (UV Rays) से सुरक्षा।
- जलचक्र और मौसम का निर्माण।
- उल्काओं से पृथ्वी की रक्षा।
🌀 वायुमंडल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
- पृथ्वी के वायुमंडल का लगभग 99% हिस्सा 32 किमी तक सिमटा हुआ है।
- क्षोभमंडल में कुल वायुमंडल का लगभग 75% द्रव्यमान और लगभग 99% जलवाष्प होता है।
- ओज़ोन परत का सबसे अधिक घनत्व 20–25 किमी की ऊँचाई पर है।
- आयनमंडल में D, E, F परतें होती हैं (रेडियो तरंगों का परावर्तन)।
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