🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...
- इतिहास और वंशानुक्रम
- प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज
- कला, स्थापत्य और प्रभाव
🟢 1. दिल्ली सल्तनत का इतिहास और वंशानुक्रम
⏳ स्थापना (1206 ई.)
- 1191 ई. - तराइन की प्रथम लड़ाई
- 1192 ई. – तराइन की दूसरी लड़ाई: मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को हराया।
- मोहम्मद गोरी की मृत्यु (1206 ई.) के बाद उसका गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली का शासक बना।
- यही से दिल्ली सल्तनत की शुरुआत हुई।
🔵 गुलाम वंश (Slave/Mamluk Dynasty) – 1206–1290 ई.
👉 इसे ममलूक वंश भी कहते हैं (Mamluk = दास)।
मुख्य शासक और कार्य:
- कुतुबुद्दीन ऐबक (1206–1210)
- अपनी राजधानी लाहौर बनाई ।
- "लाख बख्श" (दानवीर) कहा गया।
- कुतुबमीनार का निर्माण प्रारंभ।
- कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद बनवाई।
- अड़ाई दिन का झोपड़ा बनवाया
- प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने वाला एवं का सहायक सेनानायक बख्तियार खिलजी था।
- इसकी मृत्यु 1210 इसी में चौहान खेलते समय घोड़े से गिरकर हो गई इस लाहौर में दफनाया गया।
- इल्तुतमिश (1211–1236)
- वास्तविक संस्थापक।
- राजधानी लाहौर से दिल्ली लाई।
- सिक्के – टंका (चाँदी) और जीटल (ताँबा)।
- "चालीस गुलामों की सभा" (Turkan-i-Chahalgani)।
- रणथंभौर, ग्वालियर, बंगाल पर अधिकार।
- रजिया सुल्तान (1236–1240)
- दिल्ली की प्रथम महिला शासक।
- पुरुष पोशाक पहनकर युद्ध करती थी।
- ग़ियासुद्दीन बलबन (1266–1287)
- मंगोल के आक्रमण से दिल्ली की रक्षा की
- कठोर शासक, "जिल्ले-इलाही" (ईश्वर की छाया)।
- फारसी रीति रिवाज पर आधारित नवरोज (फारसी साल का पहला दिन) उत्सव को प्रारंभ करवाया
- सिजदा और पैबोस प्रथा लागू।
- कठोर लोग एवं रक्त की नीति का पालन किया ।
- दरबार में अनुशासन, दंड व्यवस्था सख्त।
🔵 खिलजी वंश (Khilji Dynasty) – 1290–1320 ई.
- जलालुद्दीन फिरोज खिलजी – संस्थापक।
- अलाउद्दीन खिलजी (1296–1316) – सबसे महान शासक। अलाउद्दीन खिलजी की आर्थिक नीति की व्यापक जानकारी
- जियाउद्दीन बरनी की कृति तारीख ए फिरोज़ शाही से मिलती है
महत्वपूर्ण कार्य:
- घोड़ा दागने एवं सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथम शुरुआत की ।
- मंगोल के 1297 से 1306 के 6 आक्रमणों को विफल किया।
- मलिक काफूर के नेतृत्व में दक्षिण भारत अभियान → देवगिरी, वारंगल, होयसला, मदुरै तक विजय।
- बाजार नियंत्रण व्यवस्था –
- अनाज, कपड़ा, घोड़े, दास, और सैन्य सामग्री की कीमतें तय।
- अधिकारियों की नियुक्ति "शहना-ए-मंडी"।
- सेना का वेतन नकद (नकली घोड़े रोकने हेतु)।
- किला: अलई दरवाजा , सीरी का किला, हजार खंभा महल, जमायत खाना मस्जिद
🔵 तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty) – 1320–1414 ई.
- ग़ियासुद्दीन तुगलक ( गाजी मलिक या तुगलक गजी ) – संस्थापक।
- नहरों का निर्माण करने वाला गयासुद्दीन पहला शासक था
- दिल्ली के पास तुगलकाबाद नामक नगर की स्थापना
प्रमुख शासक:
- मुहम्मद बिन तुगलक (1325–1351)
- अन्य नाम उलूग खां या जूना ख़ां
- इतिहास में सबसे विवादित शासक।
- राजधानी परिवर्तन: दिल्ली → दौलताबाद (असफल)।
- टोकन मुद्रा प्रयोग (ताँबा–पीतल): असफल, नकली सिक्कों की बाढ़।
- दोहरे कर (Doab क्षेत्र में) → किसान विद्रोह।
- परंतु, उसकी सोच वैज्ञानिक थी (जैसे सिंचाई, खगोल विज्ञान)।
- अफ्रीकी मोरक्को यात्री इब्न बतूता लगभग 1333 ईस्वी में भारत आया , पुस्तक रेहला में मुहम्मद तोगलग के समय की घटनाओं का वर्णन किया ।
- इसके समय में दक्षिण में हरिहर एवं बुक्का नामक दो भाइयों ने 1336 में स्वतंत्र भारत राज्य विजयनगर की स्थापना करी और
- अलाउद्दीन मेहमान शाह ने 1347 इसी में स्वतंत्र बहमनी राज्य की स्थापना की।
फ़िरोज शाह तुगलक (1351–1388)
- जजिया कर लागू करने वाला पहला मुसलमान शासक ।
- हिसार , फिरोजाबाद, फतेहाबाद, जौनपुर , फिरोजपुर नगर की स्थापना ।
- नहरें, बाग-बगीचे, विद्यालय, मदरसे खोले।
- अशोक स्तंभ (मेरठ और टोपरा से) दिल्ली लाया।
- फ़िरोजशाह कोटला बनवाया।
- जियाउद्दीन बरनी को संरक्षण प्रदान किया ।
- इस वंश के समय तैमूर का आक्रमण (1398 ई.) हुआ।
🔵 सैय्यद वंश (Sayyid Dynasty) – 1414–1451 ई.
- संस्थापक: खिज्र खाँ (तैमूर का प्रतिनिधि)।
- इसने रैयत ए आला की उपाधि धारण करें
- यह वंश केवल नाममात्र का शासक रहा।
🔵 लोदी वंश (Lodi Dynasty) – 1451–1526 ई.
👉 यह अफगान वंश था।
मुख्य शासक:
- बहलोल लोदी (1451–1489) – पंजाब और जौनपुर जीता।
- सिकंदर लोदी (1489–1517)
- आगरा नगर की स्थापना व राजधानी बनाया
- कृषि सुधार, भूमि माप प्रणाली।
- कवि गयासुद्दीन (मिर्जा खान) का संरक्षण।
- इब्राहीम लोदी (1517–1526)
- अंतिम शासक।
- 1526 ई. – पानीपत की प्रथम लड़ाई → बाबर से पराजित → मुग़ल साम्राज्य की स्थापना।
2. प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज
📌 प्रशासनिक व्यवस्था
- सुल्तान सर्वोच्च था, परंतु शरीअत (इस्लामी कानून) और उलेमा का प्रभाव।
- इकतादारी प्रथा – भूमि का बँटवारा अधिकारियों को, जो कर वसूल कर सेना रखते।
- महत्वपूर्ण पद:
- वज़ीर (वित्त मंत्री)
- अमीर-ए-आक़ा (सेनापति)
- सदर-ए-सदूर (धर्म और न्याय प्रमुख)
📌 अर्थव्यवस्था
- मुख्य आय का स्रोत: भूमि कर (ख़राज)।
- इल्तुतमिश और अलाउद्दीन ने कर वसूली पर कड़ा नियंत्रण।
- व्यापार: घोड़े, कपड़े, मसाले, दास।
- अलाउद्दीन की बाजार प्रणाली ने महँगाई रोक दी।
📌 समाज
- मुस्लिम (तुर्क, अफगान) शासक वर्ग और हिंदू जनसंख्या के बीच अंतर।
- हिंदुओं से जज़िया कर वसूला जाता।
- लेकिन कई शासक (विशेषकर सिकंदर लोदी, फ़िरोज तुगलक) ने स्थानीय रीति-रिवाज अपनाए।
🟢 3. कला, स्थापत्य और संस्कृति
स्थापत्य
- गुलाम वंश: कुतुब मीनार, कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद।
- खिलजी वंश: अलई दरवाजा, सीरी किला।
- तुगलक वंश: तुगलकाबाद किला, फ़िरोजशाह कोटला।
- लोदी वंश: मकबरे और बाग (लोदी गार्डन, सिकंदर लोदी का मकबरा)।
संस्कृति
- फ़ारसी भाषा प्रशासन की भाषा बनी।
- साहित्य में अमीर खुसरो (खिलजी और तुगलक काल) → खड़ीबोली का विकास।
- संगीत और कविता को संरक्षण।
- नई स्थापत्य शैली: इंडो-इस्लामिक आर्किटेक्चर।
निष्कर्ष
दिल्ली सल्तनत ने भारत में:
- मध्यकालीन प्रशासन,
- नयी आर्थिक नीतियाँ,
- इंडो-इस्लामिक कला व स्थापत्य,
- तथा फारसी भाषा और साहित्य की नींव डाली।
1526 ई. के बाद यह परंपरा मुग़लों ने आगे बढ़ाई।
जो भी HIGHLIGHTS करे गए है , वो प्रश्न किसी न किसी पेपर में आ चुके है ।
यहां लिखने और बताने के लिए इतिहास पड़ा हुआ है ,
इतना पर्याप्त है , अगर आपको लगता है कोई IMPORTANT टॉपिक छूट गया है , COMMENT करें।
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