🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...
मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार भाग-III (अनुच्छेद 12 से 35) में दिए गए हैं।इनका उद्देश्य नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करना है।
अनुच्छेद 12 – राज्य की परिभाषा – केंद्र, राज्य सरकारें, संसद, विधानमंडल, स्थानीय प्राधिकरण और अन्य सरकारी नियंत्रण वाले निकाय।
अनुच्छेद 13 – मौलिक अधिकारों का संरक्षण – मौलिक अधिकारों के विपरीत कोई कानून अमान्य होगा; न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति निहित।
1. समानता का अधिकार (Right to Equality) – अनुच्छेद 14 से 18
- अनु. 14 – विधि के समक्ष समानता एवं कानून का समान संरक्षण।
- अनु. 15 – धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान आदि के आधार पर भेदभाव का निषेध।
- अनु. 16 – सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता।
- अनु. 17 – अस्पृश्यता का अंत।
- अनु. 18 – उपाधियों का अंत (केवल शैक्षणिक एवं सैन्य उपाधियां मान्य)।
2. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom) – अनुच्छेद 19 से 22
- अनु. 19(1) – छह स्वतंत्रताएं:
- वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
- शांतिपूर्ण एवं निरस्त्र सभा करने की स्वतंत्रता।
- संघ या संगठन बनाने की स्वतंत्रता।
- भारत में कहीं भी आने-जाने की स्वतंत्रता।
- भारत में कहीं भी बसने की स्वतंत्रता।
- कोई भी पेशा अपनाने या व्यापार करने की स्वतंत्रता।
- अनु. 20 – अपराधों के लिए संरक्षण (दोहरे दंड का निषेध, पूर्वव्यापी दंड का निषेध, आत्मदोष स्वीकार न करने का अधिकार)।
- अनु. 21 – जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार।
- अनु. 21A – 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा।
- अनु. 22 – गिरफ्तारी एवं निरोध के मामले में अधिकार।
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right Against Exploitation) – अनुच्छेद 23 और 24
- अनु. 23 – मानव तस्करी, जबरन श्रम एवं बंधुआ मजदूरी का निषेध।
- अनु. 24 – 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक उद्योगों में काम पर रोक।
4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom of Religion) – अनुच्छेद 25 से 28
- अनु. 25 – धर्म मानने, पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता।
- अनु. 26 – धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने की स्वतंत्रता।
- अनु. 27 – किसी धर्म के प्रचार हेतु कर देने से छूट।
- अनु. 28 – धार्मिक शिक्षा से संबंधित प्रावधान।
5. सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार (Cultural and Educational Rights) – अनुच्छेद 29 और 30
- अनु. 29 – अल्पसंख्यकों की भाषा, लिपि और संस्कृति की रक्षा।
- अनु. 30 – अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान स्थापित और संचालित करने का अधिकार।
हाँ, संपत्ति का अधिकार पहले मौलिक अधिकार था, लेकिन अब नहीं है।
संपत्ति का अधिकार – अनुच्छेद 31 (अब हटाया गया)
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पहले स्थिति:
- संपत्ति का अधिकार भाग-III में अनुच्छेद 31 के तहत मौलिक अधिकार था।
- राज्य केवल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए और उचित मुआवज़ा देकर ही संपत्ति ले सकता था।
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परिवर्तन:
- 44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इसे मौलिक अधिकारों से हटा दिया गया।
- अब इसे अनुच्छेद 300A के तहत कानूनी अधिकार (Legal Right) के रूप में रखा गया है।
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वर्तमान स्थिति (अनुच्छेद 300A):
- “किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा, सिवाय विधि द्वारा अधिकृत होने के।”
- मतलब – अब संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि केवल कानूनी अधिकार है।
6. संवैधानिक उपचार का अधिकार (Right to Constitutional Remedies) – अनुच्छेद 32
- यह अधिकार नागरिकों को उच्चतम न्यायालय में सीधे जाने का अधिकार देता है यदि उनके मौलिक अधिकारों का हनन हो।
- अनु. 32 को "संविधान का हृदय और आत्मा" – डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा।
- रिट्स (Writs) -
- हैबियस कॉर्पस (Habeas Corpus) – अवैध हिरासत से मुक्ति।
- मैंडमस (Mandamus) – किसी सार्वजनिक अधिकारी को कर्तव्य निभाने का आदेश।
- प्रोहिबिशन (Prohibition) – निचली अदालत को कार्यवाही रोकने का आदेश।
- सर्टियोरारी (Certiorari) – निचली अदालत का आदेश निरस्त करना।
- क्वो वारंटो (Quo Warranto) – किसी व्यक्ति के पद की वैधता जांचना।
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