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अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - for SSC & RRB Complete notes

🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...

Mughal Empire – मुग़ल साम्राज्य



🟢 मुग़ल साम्राज्य (1526 – 1857)

भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना 1526 ई. में इब्राहीम लोदी और बाबर के बीच हुई पानीपत की प्रथम लड़ाई से हुई।
मुग़ल वंश मंगोल शासक चंगेज़ ख़ाँ और तुर्की विजेता तैमूर दोनों की वंशावली से जुड़े हुए थे।


1. बाबर (1526 – 1530)

  • साम्राज्य संस्थापक।
  • मूल रूप से फ़रग़ना घाटी (उज़्बेकिस्तान) का शासक।
  • पानीपत की प्रथम लड़ाई (1526): इब्राहीम लोदी को हराया।
  • खानवा की लड़ाई (1527): मेवाड़ के राणा सांगा पर विजय।
  • चंदेरी की लड़ाई (1528): मेदिनी राय को हराया।
  • घाघरा की लड़ाई (1529): अफ़ग़ानों पर विजय।
  • बाबर की आत्मकथा: तुज़ुक-ए-बाबरी (फ़ारसी में अनुवाद: अब्दुर रहीम खानखाना)।

2. हुमायूँ (1530 – 1540, पुनः 1555 – 1556)

  • बाबर का पुत्र।
  • 1540: शेरशाह सूरी से कन्नौज की लड़ाई में हारकर निर्वासित हुआ।
  • 1555: पुनः सत्ता प्राप्त की, लेकिन 1556 में पुस्तकालय से गिरने पर मृत्यु।
  • आत्मकथा: हुमायूँनामा (गुलबदन बेगम द्वारा लिखित)।

3. अकबर (1556 – 1605)

  • शासनकाल: 49 वर्ष।
  • 13 वर्ष की आयु में गद्दी पर।
  • प्रारंभिक काल में संरक्षक: बैरम खाँ।
  • पानीपत की द्वितीय लड़ाई (1556): हेमचंद्र (हेमू) पर विजय।

उपलब्धियाँ:

  • धर्म नीति:

    • 1562 – सती प्रथा पर रोक।
    • 1563 – तीर्थ कर समाप्त।
    • 1564 – जज़िया कर समाप्त।
    • 1582 – ‘दीन-ए-इलाही’ धर्म की शुरुआत।
  • प्रशासन:

    • मानसबदारी प्रथा।
    • सब्से विस्तृत भूमि व्यवस्था: टोडरमल की दहसाला प्रणाली।
  • संस्कृति:

    • फतेहपुर सीकरी का निर्माण।
    • दरबार में "नवरत्न" (जैसे अबुल फज़ल, बीरबल, टोडरमल, तानसेन आदि)।
    • अबुल फज़ल ने आइन-ए-अकबरी और अकबरनामा लिखा।

4. जहाँगीर (1605 – 1627)

  • "न्यायप्रिय शासक" – जंजीर-ए-आदल (न्याय की जंजीर) लगवाई।
  • 1611 में नूरजहाँ से विवाह।
  • अंग्रेज़ व्यापारी कैप्टन हॉकिंस व सर थॉमस रो का आगमन।
  • चित्रकला में उन्नति, मुग़ल चित्रकला का स्वर्णकाल।

5. शाहजहाँ (1628 – 1658)

  • स्थापत्य कला का स्वर्णकाल।
  • निर्माण कार्य:
    • ताजमहल (आगरा, 1632-1653)।
    • लाल किला (दिल्ली)।
    • जामा मस्जिद (दिल्ली)।
  • "शाहजहाँनामा" अब्दुल हमीद लाहौरी ने लिखा।
  • जीवन के अंतिम समय में औरंगज़ेब ने कैद किया।

6. औरंगज़ेब (1658 – 1707)

  • सबसे लम्बा शासन (50 वर्ष)।
  • नीतियाँ:
    • पुनः जज़िया कर लगाया।
    • संगीत पर प्रतिबंध।
  • दक्षिण भारत तक साम्राज्य का विस्तार, लेकिन मुग़ल साम्राज्य का पतन शुरू हुआ।
  • मराठों, जाटों, सिखों और राजपूतों से निरंतर संघर्ष।

7. पतन काल (1707 – 1857)

  • औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद साम्राज्य तेजी से कमजोर हुआ।
  • उत्तराधिकारी शासक कमजोर:
    • बहादुर शाह प्रथम (1707–1712)
    • फर्रुखसियर (1713–1719) – अंग्रेज़ों को फ़रमान।
    • मुहम्मद शाह (1719–1748) – नादिरशाह ने 1739 में दिल्ली लूटी।
    • शाह आलम द्वितीय (1759–1806) – 1764 बक्सर की लड़ाई।
    • बहादुर शाह द्वितीय (1837–1857) – 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेज़ों ने समाप्त किया।

🟢 मुग़ल साम्राज्य का योगदान

  • स्थापत्य कला: ताजमहल, लाल किला, बुलंद दरवाज़ा, हुमायूँ का मक़बरा।
  • साहित्य: अकबरनामा, आइन-ए-अकबरी, तुज़ुक-ए-बाबरी।
  • कला: मुग़ल चित्रकला, संगीत में तानसेन।
  • प्रशासन: मानसबदारी और ज़ब्ती व्यवस्था।

👉 निष्कर्ष:
मुग़ल साम्राज्य ने भारत को प्रशासनिक ढाँचा, स्थापत्य और सांस्कृतिक धरोहर दी। लेकिन धार्मिक असहिष्णुता और लगातार युद्धों से इसकी नींव कमजोर होती गई और अंततः 1857 में अंग्रेज़ों के हाथों समाप्त हो गया।



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