🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...
प्रधानमंत्री एवं मंत्री परिषद (Prime Minister & Council of Ministers)
🔹 संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद 74(1): राष्ट्रपति को उसके कर्तव्यों के पालन में सहायता और परामर्श देने के लिए एक मंत्री परिषद होगी, जिसका मुखिया प्रधानमंत्री होगा।
- अनुच्छेद 74(2): राष्ट्रपति को दी गई मंत्री परिषद की सलाह को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
- अनुच्छेद 75: मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, वेतन, शपथ और उत्तरदायित्व का प्रावधान।
- अनुच्छेद 77: केंद्र सरकार के कार्यों का निष्पादन और राष्ट्रपति के नाम से कार्य।
- अनुच्छेद 78: प्रधानमंत्री के कर्तव्य – राष्ट्रपति को जानकारी देना, निर्णयों से अवगत कराना।
- अनुच्छेद 88: मंत्रियों को संसद की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार (मतदान का अधिकार नहीं यदि सदस्य नहीं हैं)।
🔹 प्रधानमंत्री (Prime Minister)
नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त।
- सामान्यतः लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल/गठबंधन का नेता प्रधानमंत्री बनाया जाता है।
- अगर स्पष्ट बहुमत न हो → राष्ट्रपति सबसे बड़े दल/गठबंधन को आमंत्रित करता है।
योग्यता
- संविधान में अलग से उल्लेख नहीं।
- वही योग्यताएँ जो संसद सदस्य के लिए (अनुच्छेद 84)।
कार्यकाल
- निश्चित कार्यकाल नहीं।
- जब तक लोकसभा का विश्वास प्राप्त है।
वेतन
- संसद द्वारा समय-समय पर निर्धारित (वर्तमान में Cabinet Minister के समान)।
प्रधानमंत्री के प्रमुख कार्य और शक्तियाँ
- मंत्रिपरिषद का प्रमुख – कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करता है।
- पोर्टफोलियो आवंटन – मंत्रियों को विभाग बाँटता है।
- मंत्रियों की नियुक्ति में भूमिका – राष्ट्रपति को सुझाव देता है।
- मंत्रियों का त्यागपत्र – किसी भी मंत्री से इस्तीफ़ा मांग सकता है।
- लोकसभा में नेता – सरकार की नीतियों का प्रतिनिधित्व करता है।
- राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच सेतु।
- राष्ट्रीय नीति निर्धारण – सभी महत्वपूर्ण नीतियाँ व निर्णय प्रधानमंत्री की अगुवाई में।
- विदेश नीति व अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारत का प्रतिनिधित्व।
- लोकसभा भंग कराने का अधिकार – राष्ट्रपति से सिफारिश करता है।
- आपातकाल में भूमिका – आपातकालीन शक्तियाँ मुख्यतः प्रधानमंत्री और कैबिनेट की सलाह पर लागू।
🔹 मंत्री परिषद (Council of Ministers)
संरचना
-
कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers):
- प्रमुख मंत्रालय संभालते हैं (Defence, Home, Finance, External Affairs आदि)।
- नीति निर्धारण में भाग लेते हैं।
-
राज्य मंत्री (Ministers of State – MoS):
- कुछ स्वतंत्र प्रभार (Independent charge)
- या किसी कैबिनेट मंत्री के अधीन कार्य।
-
उप-मंत्री (Deputy Ministers):
- कैबिनेट मंत्री/राज्य मंत्री की सहायता।
- अब व्यावहारिक रूप से पद समाप्त।
उत्तरदायित्व (Responsibility)
-
सामूहिक उत्तरदायित्व (Collective Responsibility):
- अनुच्छेद 75(3) → मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है।
- अविश्वास प्रस्ताव पारित → पूरी मंत्रिपरिषद इस्तीफ़ा देगी।
-
व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (Individual Responsibility):
- प्रत्येक मंत्री अपने विभागीय कार्यों के लिए उत्तरदायी है।
- प्रधानमंत्री किसी मंत्री से इस्तीफ़ा मांग सकता है।
🔹 कैबिनेट (Cabinet) बनाम मंत्री परिषद
| बिंदु | मंत्री परिषद (Council of Ministers) | कैबिनेट (Cabinet) |
|---|---|---|
| संरचना | सभी स्तर के मंत्री (Cabinet, MoS, Deputy) | केवल वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री |
| आकार | बड़ा (60–70+ सदस्य) | छोटा (20–30 सदस्य) |
| कार्य | राष्ट्रपति को सलाह देना | नीति निर्माण, प्रशासनिक निर्णय लेना |
| महत्त्व | औपचारिक | वास्तविक शक्ति का केंद्र |
🔹 राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद संबंध
- 42वाँ संशोधन (1976): राष्ट्रपति मंत्री परिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य।
- 44वाँ संशोधन (1978): राष्ट्रपति यदि चाहे तो मंत्रिपरिषद से सलाह पुनर्विचार के लिए कह सकता है, लेकिन दूसरा सुझाव मानना ही होगा।
🔹 महत्वपूर्ण तथ्य (Exam-Oriented)
- प्रथम प्रधानमंत्री → जवाहरलाल नेहरू।
- सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री → नेहरू (17 वर्ष 286 दिन)।
- सबसे कम अवधि के प्रधानमंत्री → अटल बिहारी वाजपेयी (13 दिन, 1996)।
- अनुच्छेद 74–78 → मंत्रिपरिषद व प्रधानमंत्री से संबंधित।
- अनुच्छेद 88 → मंत्री संसद में भाग ले सकते हैं।
- मंत्रिपरिषद का कार्यकाल → लोकसभा के विश्वास पर निर्भर।
- प्रधानमंत्री लोकसभा या राज्यसभा – किसी का भी सदस्य हो सकता है।
- अगर कोई व्यक्ति 6 महीने तक संसद का सदस्य नहीं बन पाता → पद छोड़ना होगा।
- मंत्री परिषद का वास्तविक दायित्व → लोकसभा के प्रति (राज्यसभा नहीं)।
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