🧪 अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB अम्ल और क्षार (Acids & Bases) - Complete notes for SSC & RRB 🍋 अम्ल (Acids) - परिभाषा और पहचान अम्ल की परिभाषा: 1) आर्हेनियस के अनुसार (Arrhenius Theory): वे पदार्थ जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। HCl → H⁺ + Cl⁻ H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻ 2) ब्रॉन्स्टेड-लॉरी के अनुसार (Bronsted-Lowry Theory): वे पदार्थ जो प्रोटॉन (H⁺) दान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं। 3) लुईस के अनुसार (Lewis Theory): वे पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। ✅ अम्ल की पहचान के गुण: गुण विवरण स्वाद खट्टा (Sour) लिटमस परीक्षण नीला लिटमस → लाल स्पर्श संक्षारक (Corrosive) विद्युत चालकता जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है धातुओं से क्रिया H₂ गैस मुक्त करते हैं क्षार से क्रिया लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण) 📚 अम्लों के प्रकार A) उत्पत्ति के आधार पर: 1️⃣ प्राकृतिक/कार्बनिक अम्ल (Organic Acids): अम्ल रासायनिक सूत्र स्रोत विशेषता एसीटिक अम्ल CH₃COOH सिरका (Vinegar) 5-8% सांद्रता साइट्रिक अम्ल C₆H...
🌿 पादप ऊतक (Plant Tissue)
I. विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)
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विशेषताएँ (Characteristics):
- कोशिकाएँ निरंतर विभाजन (Cell Division) करती हैं।
- इनकी कोशिकाएँ सक्रिय (Active) होती हैं।
- इनमें सघन कोशिकाद्रव्य (Dense Cytoplasm) होता है।
- इनमें पतली कोशिका भित्ति (Thin Cell Wall) होती है।
- इनमें रसधानी (Vacuoles) अनुपस्थित या बहुत छोटी होती हैं।
- कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय स्थान (Intercellular space) अनुपस्थित होता है।
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प्रकार (Types):
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शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem):
- स्थान: मुख्य रूप से जड़ (Root) तथा तने (Stem) के शीर्ष (Apex) पर होता है।
- कार्य: पौधे की लंबाई में वृद्धि (Increase in length) करना।
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पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem) / कैम्बियम (Cambium):
- स्थान: तने एवं जड़ की परिधि (Girth) में वृद्धि।
- कार्य: तने तथा जड़ की मोटाई में वृद्धि (Increase in width) करना (द्वितीयक वृद्धि)।
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अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem):
- स्थान: पर्वसंधियों (Internodes) के पास या पत्तियों के आधार पर।
- कार्य: पत्तियों की वृद्धि तथा तने की लंबाई में वृद्धि, जो पहले ही बढ़ चुके हैं।
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शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem):
🌳 स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
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परिभाषा (Definition):
- विभज्योतक ऊतक की कोशिकाएँ द्वारा विभेदीकरण (Differentiation) की प्रक्रिया करके एक विशिष्ट कार्य ग्रहण कर लेती हैं।
- इनमें विभाजन की शक्ति समाप्त हो जाती है।
- ये अविभाजित होते हैं।
- इनकी कोशिका भित्ति मोटी/पतली हो सकती है।
A. सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue)
- कार्य: पौधों को यांत्रिक सहारा, सुरक्षा और भोजन संग्रह प्रदान करना।
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प्रकार (Types):
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पैरेन्काइमा (Parenchyma):
- सबसे आम सरल स्थायी ऊतक।
- कोशिकाएँ जीवित, पतली भित्ति वाली होती हैं।
- कोशिकाएँ ढीली व्यवस्थित होती हैं, इसलिए अंतरकोशिकीय स्थान अधिक होता है।
- कार्य: भोजन का संग्रह, सहारा प्रदान करना।
- क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma): जिस पैरेन्काइमा में क्लोरोफिल होता है, वह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) करता है।
- एरेन्काइमा (Aerenchyma): जलीय पौधों में बड़ी वायु गुहिकाएँ (Air cavities) होती हैं, जिससे वे तैर सकते हैं (उत्प्लावन)।
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कोलेन्काइमा (Collenchyma):
- कोशिकाएँ जीवित, भित्ति अनियमित रूप से मोटी होती है।
- अंतरकोशिकीय स्थान कम होता है।
- कार्य: पौधों को लचीलापन (Flexibility) प्रदान करना और बिना टूटे झुकने में मदद करना।
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स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma):
- कोशिकाएँ मृत होती हैं और भित्ति लिग्निन (Lignin) के कारण मोटी होती है।
- इनमें अंतरकोशिकीय स्थान नहीं होता है।
- कार्य: पौधों को कठोरता (Hardness) और यांत्रिक शक्ति/सहारा प्रदान करना।
- उपस्थिति: पत्तों की शिराओं में, बीजों/नटों के कठोर खोल (Hard shell of nuts) में।
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पैरेन्काइमा (Parenchyma):
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उत्सर्जक ऊतक (Protective Tissue):
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एपिडर्मिस (Epidermis):
- पौधे के सभी भागों को ढकने वाली सबसे बाहरी परत।
- कोशिकाएँ चपटी होती हैं और बिना अंतरकोशिकीय स्थान के एक सतत परत बनाती हैं।
- क्यूटिकल (Cuticle): शुष्क आवास वाले पौधों में जल हानि रोकने के लिए एपिडर्मिस पर मोमी (Waxy) परत होती है।
- स्टोमेटा (Stomata): एपिडर्मिस में छोटे छिद्र, जो वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) और गैसों के आदान-प्रदान (Gas Exchange) के लिए आवश्यक हैं।
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कर्क (Cork) / छाल (Bark):
- पौधों की पुरानी जड़ों तथा तनों की बाहरी परत।
- जैसे-जैसे पौधे बड़े होते हैं, एपिडर्मिस कॉर्क में बदल जाती है।
- कॉर्क कोशिकाएँ मृत होती हैं और इनमें सुबेरिन (Suberin) नामक रसायन होता है, जो इन्हें हवा और पानी के लिए अप्रवेश्य (Impervious) बनाता है।
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एपिडर्मिस (Epidermis):
B. जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)
- परिभाषा: एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, जो एक साथ एक सामान्य कार्य करते हैं।
- कार्य: जल, खनिज लवण और भोजन का परिवहन (Conduction/Transport) करना।
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प्रकार (Types):
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जाइलम (Xylem):
- कार्य: जल और खनिज लवण का ऊर्ध्वमुखी (Upward) परिवहन करना।
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अवयव (Components):
- वाहिनिकाएँ (Tracheids): मृत कोशिकाएँ, संकरी।
- वाहिकाएँ (Vessels): मृत कोशिकाएँ, चौड़ी, नलिकाकार।
- जाइलम पैरेन्काइमा (Xylem Parenchyma): जीवित, भोजन संग्रह करता है।
- जाइलम तंतु (Xylem Fibers/Sclerenchyma): मृत, सहारा प्रदान करता है।
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फ्लोएम (Phloem):
- कार्य: पत्तियों से भोजन (Food) को पौधे के अन्य भागों तक द्वि-दिशात्मक (Bidirectional) परिवहन करना।
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अवयव (Components):
- चालनी नलिकाएँ (Sieve Tubes): छिद्रित भित्ति वाली जीवित नलिकाकार कोशिकाएँ, केन्द्रक रहित।
- सहचर कोशिकाएँ (Companion Cells): जीवित, चालनी नलिका की मदद करती हैं।
- फ्लोएम पैरेन्काइमा (Phloem Parenchyma): जीवित, भोजन संग्रह करता है।
- फ्लोएम तंतु (Phloem Fibers/Sclerenchyma): मृत, सहारा प्रदान करता है।
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जाइलम (Xylem):
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